Rajasthani Jokes

Rajasthani Jokes

कटवानें हो अपनें केश…
तो पधारो म्हारे देश…
#म्हारोरँगीलोराजस्थान..
चोटी काटो अभियान

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पहले नोटबन्दी फिर GST और अब ये बाल काटने वाले बाबा सोने ही नही दे रहे

सभी रात में लागू हुए है

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कोन कहता है
राजस्थान में फोग चल रहा है
अरे यहाँ तो औरतों मैं बाल काटने वाली चुड़ैल का ख़ौफ़ चल रहा है”’

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नाई समाज भूख हड़ताल करने जा रहा है ।

पता नही उन के पेट पर कौन लात मार रहा है जो बिना पेसो मे बाल काट रहा है

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अब ये अफवाह कोन फेला रहा है कि
चौटी काटने के बाद अगले राउंड में







आई ब्रो सेट करेगा ।

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साला अजीब कन्फ्यूज़ हो रहा ह…. की
बाल काटने वाले आएंगे या नाई को 50/- दु

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नींद नही आती रात को
चैन नही आता दिन को

मैने पूछा रब से – क्या यही प्यार है ?

रब ने कहा:
नही बेटा – बाल काटने वाले आये हुए ह सबका यही हाल ह

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राजस्थान मे चोटी काटने की अफवाहो को लेकर अमैरिका के एक विश्वविधालय मे शोध किया गया
जिसमे यह बताया गया कि चोटी केवल उन्ही लोगो की काटी जा रही है
.
जिनका बचपन का जङूला बाकी है!

 

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“ऐडमिन आरती”

जय एडमिन देवा जय एडमिन देवा ।
थारी दया स्यु नेट प मजा घणा लेवा ।।

चोखी चोखी ज्ञान की बात्या खूब घणी बांचा
धर्म करम की गंगा पाप का ना खांचा ।।

डांट डपट फटकार स थारो नहीं नातों ।
जो कोई एकर आग्यो तो पाछो नहीं जातो।।

बिना काम की चौधर थान सुहाव नहीं ।
थे क स्यो बिया होव साची थारी बही ।।

या आरती एडमिन जी जो सदस्य गाता ।
उर आनद अति उमड़े मोज करत जाता ।।

जय एडमिन देवा जय एडमिन देवा ।
थारी दया स्यु नेट प मजा घणा लेवा ।

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सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय,
सरस्वती विद्या मंदिर
मारवाड़,

डिअर सर,

बात या हे के स्कूल में म्हारो मन कोणी लागे,और रात मा नींद भी कोणी आवे,
क्यों कि स्कूल में छोरिया कम हो री हे,ओर म्हारी किलास मा 1बी कोणी हे,
और जे किलास मा हे वो सारी पगली हे,कि देखवा रो मन कोणी करे….
मेडम बी कोई टॉप पटाको कोणी हे,कुछ नी तो कम सु कम 4-5 बडिया मेडम ही राख ल्यो ,थारी बोथ किरपा होवेगी,
घणी खम्मा…

थारो स्टूडेंट
नाम लिखू इत्तो बावलो कोणी
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अध्यापक –
टेबल पर चाय किसने गिराई? इसे अपनी मातृभाषा मे बोलो ।

छात्र –
मातृभाषा मतलब मम्मी की भाषा में ?

अध्यापक – हां ।

छात्र – अरे छाती कूटा म्हारा जीव लियां बिना थने चैन नी पड़े ? ओ की थारो बाप ढोली चाय ?

अध्यापक बेहोश !…

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राजस्थान में गणेशोत्सव संपन्न हुआ और श्री गणेश जी कैलाश पर्वत पर पहुँचे।

माता पार्वती ने पूछा: कैसा रहा उत्सव का माहौल?

गणेश जी: बरस बरस मारा इन्द्र राजा.तू बरश्या मारो काज सरे ।

माता पार्वती: अरे, ये क्या बोलते हो ?

गणेश जी: अरे अमलिडो अमलिडो अमलिडो भोलो सन्ता ने लागे वालो अरे नाग तिरस् वा वालो ओ बाबो भोलो अमलीडो ।।।

रिद्धी: अरे, ये क्या है ???

गणेश जी: ले नाच.. ले नाच.. ले नाच मारी बींदणी भंडारा में डीजे बाजे नाच …..

सिद्धि: अरे किया हुआ स्वामी ?????

गणेश जी: ओ ढकण खोल दे .. ऐ ढकण खोल दे कलाली थारी बोतल को दारू रे पियाला मैं तो थारे घर को।।।

शंकर जी: आजकल टाबरा ने राजस्थान भेजण रो ज़मानो ही कोनी रियो।

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एक दिन अपने गांव का ‘पप्पू'(पाँचवी फेल) एक ‘दिल्ली की लड़की’ से टकरा गया।

लड़की : bloodyfool, blind man, stupid, देख कर नही चल सकते अंधे, अनपढ़ ग्वाँर कही के ।

पप्पू: आ री आ.. पटेलन…..
ज्यादा अंगरेजी मत झाड।
अंगरेजी मान भी आव छ।

लडकी: हा हा हा… तुम गँवार और English. . . never.

पप्पू: चाल बता ” flowers of your mom ” को काई मतलब होवें छ।

लड़की : (बहुत सोचा ,परेशान होकर) मुझे नी पता।

पप्पु : बावली ईको मतलब छ “तारी जीजी का फूल ” समझगी न।

पप्पु: चाल थार-ताई एक chance ओर दु । “head of your mother-in-law” की हिंदी बता।

लडकी: इसकी तो कोई हिंदी नही हे।

पप्पु: आईरी गेल-सपी ईको मतलब छ “तारी सासु को माथों”।

लडकी: एें…..

पप्पु:
ऐं ..ऐ.. तो कर मत ।
तारा बाप स पुच-पुचार English की कोचिंग आ जा भाई पास।
अर चपड-चपड़ कम करबु कर।

 

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स्कूल का निरीक्षण चल रहा था।

निरीक्षक लड़कों से- ‘सावधान’।

कोई हिला तक नहीं।

निरीक्षक- ‘विश्राम’।

सब वैसे ही खड़े रहे।

निरीक्षक-(हेड मास्टर से)
क्या है ये.. इनको इतना भी नहीं आता।

हेडमास्टर- ऐसा नहीं है सर, मैं करवाता हूँ।

हेड मास्टर- ‘सूधा ……सट्ट ।
सब सावधान हो गए।

हेड मास्टर : ‘ढिलो …..धस्स ।
सब विश्राम हो गए।

हेड मास्टर( निरीक्षक से) –
यो राजस्थान छ भाया। तोहार दिल्ली नाही।

निरीक्षक बेहोश। 😀

 

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*पत्नी बोली* ….
ओ जी थे हर बात मं म्हारा पीहर वाला न बीच मं क्यूँ ल्याओ हो।

जो केवणो है म्हन सीधो- सीधो के दिया करो

*पति बोल्यो* :
देख बावळी, अगर आपणो मोबाइल खराब हु ज्याव तो आपां मोबाइल न थोड़ी बोलां ,

गाल्यां तो कंपनी वाला न ही काढस्यां नी

गेल सफी कठई की………

 

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मालवा की औरत का व्रत

पति- कईआज रोटी नी बनानी कई?
पत्नी- आज म्हारो उपास हे नी ..

पति-कई खायो?? की भुकीज हे.. कई खाई लेती?

पत्नी-, आसोज, जरासो.. खायो..
4-5 केला
2अनार
3-4 सेवफल
आलु पपड़ी
साबुदाणा की खिचड़ी
सिंगोड़ा को परसाद
सुबह ऐक गिलास दुध
दो कप चाय ☕☕ पी ली थी
ने अबे मोसंबी को रस पी री
आज ऊपास हे नी, और कई तो खाई नी सका नी।
पति- थोड़ी रबड़ी न पपीता खाई लेती ।

पत्नी- ई सब राते खाऊगा नी ..

पति- तु भोत मुश्किल ऊपास करे ।
कोई का बाप सी भी नी रेवाय.. अतरो भूखो
देखजे कई कमजेरी नी आईजाय..

पत्नी- नई जी कमजोरी नीआवेगा।
आज तो सुबह बदाम काजु खाई लिया था..

पति- फिर बी ध्यान राखजे..

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मारवाडी को फांसी की सजा सुनाई गयी ..

जज ने पूछा- कोई आखिरी ख्वाहिश?

मारवाडी – म्हारी जगह थे लटक जाओ!! 😀

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एक बार एक गणित के अध्यापक से उसकी पत्नी ने गणित मे प्यार के दो शब्द कहने को कहा,
पति ने पूरी कविता लिख दी..

म्हारी गुणनखण्ड सी नार, कालजो मत बाल
थन समझाऊँ बार हजार, कालजो मत बाल

1. दशमलव सी आँख्या थारी, न्यून कोण सा कान,
त्रिभुज जेडो नाक, नाक री नथनी ने त्रिज्या जाण,
कालजो मत बाल

2. वक्र रेखा सी पलका थारी, सरल भिन्न सा दाँत,
समषट्भुज सा मुंडा पे, थारे मांख्या की बारात,
कालजो मत बाल

3.रेखाखण्ड सरीखी टांगा थारी, बेलन जेडा हाथ,
मंझला कोष्ठक सा होंठा पर टप-टप पड रही लार,
कालजो मत बाल

4.आयत जेडी पूरी काया थारी, जाणे ना हानि लाभ,
तू ल.स.प., मू म.स.प., चुप कर घन घनाभ,
कालजो मत बाल

5.थारा म्हारा गुणा स्युं. यो फुटया म्हारा भाग |
आरोही -अवरोही हो गयो, मुंडे आ गिया झाग ।
कालजो मत बाल

म्हारी गुणनखण्ड सी नार कालजो मत बाल
थन समझाऊँ बार हजार कालजो मत बाल!! 😀
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एक राजस्थान के लड़के को जॉब नही मिली
तो उसने क्लिनिक खोला और बाहर लिखा…

“तीन सौ रूपये मे ईलाज करवाये
ईलाज नही हुआ तो एक हजार रूपये वापिस!”

एक पंडित ने सोचा कि एक हजार रूपये कमाने का अच्छा मौका है
वो क्लिनिक पर गया और बोला:
मुझे किसी भी चीज का स्वाद नही आता ।

लड़का:
बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो
और ३ बूँद पिलाओ
नर्स ने पिला दी !!

पंडित: ये तो पेट्रोल है ।

लड़का:
मुबारक हो आपको टेस्ट महसूस हो गया
लाओ तीन सौ रूपये!!

पंडित को गुस्सा आ गया…
कुछ दिन बाद फिर वापिस गया
पुराने पैसे वसूलने

पंडित: साहब मेरी याददास्त कमजोर हो गई है

लड़का:
बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो
और ३ बूँद पिलाओ

पंडित: लेकिन वो दवा तो जुबान की टेस्ट के लिए है

लड़का:
ये लो तुम्हारी याददास्त भी वापस आ गई
लाओ तीन सौ रुपए।

इस बार पंडित गुस्से में गया…
-मेरी नजर कम हो गई है!

लड़का:
इसकी दवाई मेरे पास नहीं है।
लो एक हजार रुपये।

पंडित: यह तो पांच सौ का नोट है।

राजस्थानी लड़का:

आ गई नजर।
ला तीन सौ रुपये।

 

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भगवान को दियेड़ो सब है,

दोलत है,इज्जत है,शोहरत है,

तातो पाणी (Hot water) भी है
पर

नहाणे की इच्छा कोनि।।।।।।।

 

रामजी थाने सगळा नै निरोगा राखै
कमाई दुनी चोगुणी बढ़ावे
टाबरिया आपस्यूं भी ऊँचा चढ़े।
घर आळी या घर आळा री मोकळी मेहरबानी रेवे।
घणे हेत सु,घणे कोड सु,महारे हिवङे री घणी हरक सु,
आप ने और आपरे सगले परिवार ने “न्योडा साल” री घणी-घणी शुभकामनाएँ !

 

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वो कहती है लड़ने से प्यार बढ़ता है..
.
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फिर क्या…..

मेल्या 4-5 डुक्का.

.

बैहोश होगी दारीकी 😀 😉

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क्का बनिया ..

बनिया की पत्नी की तबियत खराब थी ।
किसी ने उस पर कुछ रूपयेे वारने की सलाह दी । ताकि बला टले ।
बनिये ने अपनी पत्नी के सर पर 15₹ वारे ।
और उन 15 ₹ में
85₹ और मिला कर अपने रिलायंस मोबाइल नम्बर पर रिचार्ज करवा लिया ।

पत्नी : ये क्या कर रहे हो तुम?

बनिया : 85 रूपये का बैलेंस मेरे पास आ गया।
और तेरे ऊपर वारे गए 15 रूपये अम्बानी को चले गए ।
ही ही ही..
अब तेरी बला अम्बानी के सर पर। 😛

 

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एक राजस्थानी एक डॉक्टर से बोला:
डॉक्टर साहब आप घर चलने की कितनी फीस लेते हो ?

डॉक्टर: तीन सौ रुपये

राजस्थानी:
ठीक है… चलो डॉक्टर साहब.

डॉक्टर ने अपनी गाड़ी निकाली
और राजस्थानी के साथ उसके घर आ गया !

डॉक्टर बोला: मरीज कहाँ है?

राजस्थानी:
मरीज कोई नहीं है साहब ….
टैक्सी वाला पांचसौ रुपये मांग रहा था
और आप तीनसाै में ले आये ! 😀

 

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आज Rajasthan ने पुरे गणीत का इतीहास हिला डाला

जब एक गणीत के जानकार ने Exam मे ये पुछा

2/10=2 ये हल करके दीखाओ

UP ये गलत question हे
Bihari ::

मुझे नही पता

Panjabi::

तुम ही बताओ

Asam::

ये तो हो हि नही सकता

फिर Rajasthan ने हल किया

Rajasthan ::::

2/10

Two / Ten

= wo / en (T से T cancel)

w = 23 (abc) का 23 वा शब्द
o = 15 वा शब्द

e = 5 वा शब्द

n = 14 वा शब्द

तो 23+15 / 5+14

= 38 / 19

= 2

बस फिर क्या था सवाल पुछने वाला कोमा मे !!

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गांव की एक लड़की से कंप्यूटर क्लास में
पूछा गया-
डाटा (data) क्या होता है?

लड़की बोली so simple..
“तेल की शीशी के ढक्कण को डाटा कहते हैं”

 

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*** सात बचन फेरां का ***

पेहलो बचन दिनूगै जाग आवै
जद उठूँ बेगा ना जगाइयो
उठतां पाण ही एक कप चाा
गुदडा माहि झलाइयो
लुल्गै भुआरी म्हारे सुं कडे कोनि
ना पानी भरण न जाऊं
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

दुसरो बचन जाँता ही न्यारी होस्यु
न्यारो घर बनास्या
डांगर पशु राखा कोनि डेयरी पर सुं
थेली आळो दूध ल्यासा
थारै बुढ़िये बुढ़लि गी सेवा मे रे सुं
कोनि होवै मैं पेल्हा ही बताऊं
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

तीसरो बचन धुवै सुं आँख बलै
ले देइयो गैस कनेक्सन
जेन्टल घाल मशीन सुं गाबा धोंस्या
हाथा क होवै ईफेक्सन
इत्ता गाबा घरां ताबै कोनि आवै
धोबी सुं प्रेस कराऊँ
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

चौथो बचन गाडो सो दिन क्यां
कटै मनोरंजन क़ बिना
घर म्ही रंगीन टीवी होवै अर
घर की होवै डिश एंटीना
अपो आपणी पसंद गा नाटक देखां
काई बात सर्मिंदगी की
मैं देखूँ कहानी घर घर की
थे देखियो कसोटी ज़िंदगी की
कोई बटाऊ आजै तो मैं बीच म्ही
उठगै चाा कोनि बनाऊं
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

पांचवों बचन बात करण नै मोबाईल होवै
त्तो जद ही मैं पीयर जाऊं
टायला लागेड़ो न्हाणघर होवै
फुआरो चलागे न्हाऊं
घरा ही सामान ल्यादेइयो पण
सातवें दिन ब्यूटीपार्लर जाऊं
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

छटो बचन थे मेरे अलावा
कीह कानि न झांकियो
कठै एडै मौके जाओ तो मनै
आगलै पासै राखियो
मेरी पसंद सुं टूम छलौ पहरुं
जिता मर्जी सूट सिमाऊं
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

सातवों अर आखरी बचन है
ध्यान सुं सुण लेइयो
नित आयेड़ी नन्दा चोखी कोनि लागै
फेर ना कइयो या काई बात
जेठुता जेठुति नान्दया नान्दि सागै
मैं ना नेह लगाऊं याद राखिज्यो
औह बचन म्हारो मंजूर होवै
तो थारै डावै अंग माहिं आऊं

pulkit khandelwal: